हल्दी… हमारी रसोई की रानी और हर मर्ज की दवा। सब्जी का रंग बढ़ाना हो या चोट पर मरहम लगाना हो, हम आंख बंद करके हल्दी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस हल्दी को आप सेहतमंद समझकर खा रहे हैं, कहीं वो मिलावटी तो नहीं?
बाज़ार में मुनाफे के लिए कुछ लोग हल्दी में खतरनाक केमिकल ‘मेटानिल येलो’, खड़िया पाउडर (चॉक) या पीली मिट्टी मिला देते हैं, जो सेहत के लिए ज़हर से कम नहीं हैं। लेकिन घबराइए नहीं, आप घर बैठे कुछ आसान तरीकों से अपनी हल्दी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।
असली-नकली हल्दी पहचानने के 3 आसान घरेलू तरीके:
1. पानी वाला टेस्ट (सबसे आसान):
एक कांच के गिलास में हल्का गुनगुना पानी लीजिए। अब उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालिए। असली हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठेगी और पानी में हल्का पीला रंग छोड़ेगी। वहीं, अगर हल्दी मिलावटी हुई, तो वह तुरंत गिलास की तली में बैठ जाएगी और पानी का रंग बहुत तेज़ और गाढ़ा पीला हो जाएगा।
2. हथेली पर रगड़कर देखें:
एक चुटकी हल्दी पाउडर को अपनी हथेली पर या अंगूठे और उंगली के बीच में रखकर रगड़ें। असली हल्दी का पाउडर बहुत चिकना और मुलायम महसूस होगा। अगर आपको इसमें हल्का-सा भी खुरदुरापन या किरकिरापन महसूस हो, तो समझ जाइए कि इसमें चॉक या मिट्टी की मिलावट हो सकती है।
3. केमिकल वाला टेस्ट (खतरनाक मिलावट के लिए):
यह टेस्ट सबसे खतरनाक मिलावट यानी ‘मेटानिल येलो’ को पकड़ने के लिए है। एक टेस्ट ट्यूब में एक चुटकी हल्दी लें और उसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूँदें डालें। अगर हल्दी का रंग बदलकर गुलाबी, बैंगनी या मैजेंटा हो जाए, तो यह पक्का है कि इसमें मेटानिल येलो नाम का खतरनाक केमिकल मिलाया गया है। असली हल्दी पर इसका कोई असर नहीं होगा।
याद रखिए, आपकी सेहत सबसे कीमती है। सिर्फ चमकदार रंग देखकर हल्दी न खरीदें। थोड़ी-सी जागरूकता आपको और आपके परिवार को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।
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